अरे शर्म करो हैवानो
अरे शर्म करो हैवानो नवरात्रि जैसे दिनों में देवी को पूजते हो,
और बेटियों के साथ हैंवानियत करते हो.
क्यों भूल जाते हो की नारी की कोख जन्म लेते हो
उसी नारी को सम्मान तुम नही दे सकते
लेकिन हेवानियत पर जरुर उतर आते हो
हैंवानो आज तुम जैसे नामर्दों के कारण बेटियों की
संख्या हिंदुस्तान में कम होती जा रही हे
कौन नारी चाहेगी फिर बेटी को जन्म देना
उनका हर पल पल डर के साये में बीतता हैं
हे ! हैवानो तुम क्या जानो बेटी को पालना
और बेटी बनकर जीना कितना मुस्किल हैं.
क्या नारी सिर्फ भोग की वस्तु है?=====
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जब वोडाफोन के एक विज्ञापन में दोपैसो मे
लड़की पटाने की बात की जाती है तब कौन
ताली बजाता है?
हर विज्ञापन ने अध्-नंगी नारी दिखा कर ये
विज्ञापन एजेंसिया / कम्पनियाँ क्या सन्देश
देना चाहते है इस पर कितने चेनल बहस करेंगे ?
पेन्टी हो या पेन्ट हो, कॉलगेट या पेप्सोडेंट हो,
साबुन या डिटरजेण्ट हो , कोई भी विज्ञापन हो,
सब में ये छरहरे बदन वाली छोरियो के अधनंगे
बदन को परोसना क्या नारीत्व के साथ
बलात्कार नहीं है?
फिल्म को चलाने के लिए आईटम सॉन्गके नाम
पर लड़कियो को जिस तरह मटकवाया जाता है
या यू कहे लगभग आधा नंगा करके उसके अंग
प्रत्यंग को फोकस के साथ दिखाया जाता है
वो स्त्रीयत्व के साथ बलात्कार करना नहीं है
क्या?
पत्रिकाए हो या अखबार सबमे
आधी नंगी लड़कियो के फोटो किसके लिए और
क्या सिखाने के लिए भरपूर मात्र मे छापे जाते
है? ये स्त्रीयत्व का बलात्कार नहीं है क्या?
दिन रात , टीवी हो या पेपर , फिल्मे
हो या सीरियल, लगातार स्त्रीयत्व
का बलात्कार होते देखने वाले, और उस पर खुश
होने वाले, उस का समर्थन करने वाले
क्या बलात्कारी नहीं है ?
संस्कृति के साथ , मर्यादाओ के साथ,
संस्कारो के साथ, लज्जा के साथ जो ये सब
किया जा रहा है वो बलात्कार नहीं है क्या?
निरंतर हो रहे नारीत्व के बलात्कार के
समर्थको को नारी के बलात्कार पर शर्म
आना उसी तरह है जैसे मांस खाने वाला , लहसुन
प्याज पर नाक सिकोडे
जिस देश में"आजा तेरी _ मारू , तेरे सरसे _ _
का भूत उतारू"जैसा गाना गाने वालाहनीसिंह ,
सीरियल किसर कहे जाना वाला इमरान हाशमी,
और इसी तरह का नंगा नाच फैलाने वाले भांड
युवाओ के"आइडल"बन रहे हो वहा बलात्कार
और छेडछाड़ की घटनाए नहीं तो और
क्या बढ़ेगा?
कुल मिलाकर मेरे कहने का अर्थ ये है भाई
कि जब हम स्त्रीयत्व का सम्मान करना सीखेंगे
तभी हम नारी का सम्मान करना सीख पाएंगे।
इस तरह के काम करने वाली नारियाँ नारी जाति के नाम पर एक धब्बा हैँ जो जितनी जल्दी मिट जाये अच्छा
waaw!!..
ReplyDeleteits really good message....
thank