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Saturday, 23 February 2013

काइ पो चे: एक सफल फिल्‍म, सफल निर्देशन

‘काइ पो चे’ तीन दोस्‍तों ईशान, ओमी और गोविंद की कहानी है. एक का ध्‍यान स्‍पोर्ट्स की तरफ है तो दूसरे का बिजनेस की तरफ और तीसरे का पोलिटिक्‍स की तरफ. तीनों कैसे अपने सपनों को पूरा करते हैं, यह कहानी है दोस्‍ती, नि‍यति और हालात की. From Aaj tak post

अभिनेत्री नेहा शर्मा को पसंद नहीं अंतरंग दृश्‍य | बोल्‍ड बालाएं

'हिम्मतवाला' में सोनाक्षी का आइटम 'थैंक गॉड इट्स फ्राइडे

सोनाक्षी सिन्हा फिल्म 'हिम्मतवाला' के आइटम गाने 'थैंक गॉड इट्स फ्राइडे' में नृत्य करेंगी. फिल्म के निर्देशक साजिद खान का कहना है कि इस गाने के लिए सोनाक्षी उनकी पहली और आखिरी पसंद थीं.

साजिद ने शुक्रवार को इस गाने के लांच के मौके पर कहा, 'सोनाक्षी मेरी पहली और आखिरी पसंद थीं. मैंने तय कर लिया था कि अगर वह तैयार नहीं होतीं तो मैं यह गाना ही फिल्म से निकाल दूंगा.'
सोनाक्षी को इस गाने में दो प्रसिद्ध अभिनेत्रियों की तरह दिखाया गया है. एक में वह 'शान' की परवीन बॉबी लग रही हैं और दूसरे में 'चालबाज' की श्रीदेवी.
सोनाक्षी ने हाल ही में 'ओह माय गॉड' फिल्म में 'गो गो गोविंदा' आइटम गाना किया था. 'हिम्मतवाला' में अजय देवगन और तमन्ना भूमिका में हैं और यह 29 मार्च को प्रदर्शित होगी.


(From.  AAj Tak.com
)

Saturday, 9 February 2013

एक दम नया चुटकुला

एक दम नया चुटकुला, पहले कभी नही पढ़ा होगा.

एक दिन राहुल, मायावती और सोनिया जंगल मे घूम रहे थे. राहुल को जंगल मे एक शीशा मिला. शीशे मे उसने देखा तो उसे लगा के पापा की तस्वीर है.

राहुल शीशे को अपने घर ले आया और उससे रोज बाते करने लगा.

उसकी मम्मी सोनिया को कुछ शक हुआ. एक दिन उसकी गैरमौजूदगी मे उसने शीशा निकाला और अपने प्रतिबिँब को देखकर बोली : "अच्छा तो ये है वो चुड़ेल, जिससे मेरा बेटा बाते करता है".

उसने मायावती को बुलाया और उसे शीशा दिखाया तो मायावती ने कहा : "कोई बात नही सोनिया जी! ये हथिनी तो बूढ़ी है, जल्द मर जाएगी"

हा हा हा हा हा

Friday, 8 February 2013

(FROM मंजिल मिल ही जायेगी भटकते ही सही, गुमराह तो वो है जो घर से निकले ही नहीं)
{from मंजिल मिल ही जायेगी भटकते ही सही, गुमराह तो वो है जो घर से निकले ही नहीं}

Wednesday, 6 February 2013

Our Sikhs Brother contribute:-

 
कुछ दोस्त मिलकर दिल्ली घूमने का प्रोग्राम बनाते
है और रेलवे स्टेशन से बाहर निकलकर एक
टेक्सी किराए पर लेते है , उस टेक्सी का ड्राइवर
बुढ्ढा सरदार था, यात्रा के दौरान
बच्चो को मस्ती सूझती है और सब दोस्त मिलकर
बारी बारी सरदार पर बने जोक्स को एक दुसरे
को सुनाते है उनका मकसद उस ड्राइवर
को चिढाना था . लेकिन वो बुढ्ढा सरदार चिढना तो दूर
पर उनके साथ हर जोक पर हस रहा था , सब साईट
सीन को देख बच्चे वापस रेलवे स्टेशन आ जाते है …
और तय किया किराया उस सरदार को चुकाते है ,
सरदार भी वो पैसे ले लेता है , पर हर बच्चे
को अपनी और से एक एक रूपया हाथ में देता है एक
लड़का बोलता है “बाबा जी हम सुबह से आपके धर्म
पर जोक मार रहे है , आप गुस्सा तो दूर पर हर जोक
में हमारे साथ हँस रहे थे , और जब ये
यात्रा पूरी हो गई आप हर लडके
को प्यार से एक-एक रूपया दे रहे है , ऐसा क्यों ? ”
सरदार बोला ” बच्चो आप अभी जवान
हो आपका नया खून है आप मस्ती नहीं करोगे तो कौन
करेगा ? लेकिन मेने आपको एक-एक रूपया इस लिए
दिया के जब वापस आप अपने
अपने शहर जाओगे तो ये रूपया आप उस सरदार को दे
देना जो रास्ते में भीख मांग रहा हो , इस बात
को दो साल हो गए है और जितने लडके
दिल्ली घूमने गए थे सब के पास वो एक रुपये
का सिक्का आज भी जेब में पड़ा है …उन्हें कोई सरदार
भीख मांगता नहीं दिखा।
वह गैरेज खोलेगा ट्रक चलाएगा लेकिन भीख
नहीं माँगेगा। उनकी आबादी देश
की आबादी की मात्र 1.4% हैं पर टोटल टैक्स में
उनका हिस्सा 35% का हैं, और सेना में भी 50000 से
भी अधिक हैं। उनके लंगरों में खाना खाने
वालो की जाति और धर्म नहीं पूछा जाता अल्पसंख्यक
हैं पर अपने लिए आरक्षण नहीं माँगते
स्वंत्रता आन्दोलन में सबसे अधिक अपने
बेटो को खोया हैं पर कभी बदले में
कुछ माँगा नहीं क्या बाकी के धर्म वाले उनसे कुछ
सीखेंगे ??
Our Sikhs Brother contribute:-
* 35% of total income tax
* 67% of total charities
* 45% of Indian Army
* 59,000++ Gurudwaras serve
LANGAR to 5,900,000+ people
everyday !
किसी भी सरदार पर भददा जोके करने से पहले
एक बार ये जरुर सोच लेना कि देश के लिए
अपनी जवानी को दावं पर लगा देने वाले शाहिद
भगत सिंह भी एक सरदार थे..
शेयर करके सच्चे खालसाओ का धन्यवाद ज्ञापित
करिए

राहुल कंवल

आजतक का चिकना या कहें आजतक का अधिकारिक
दलाल राहुल कंवल फिर दोबारा मोदी जी पर भौंका...
राहुल कंवल लेकिन अब धीरे- २ ऐसा लग रहा है
कि अब आपकी नजर के सामने अहमदाबाद के
अलावा सारा हिंदुस्तान भी है, क्योंकि हमने लाल
कृष्ण आडवाणी जी से बात की, यशवंत सिन्हा जी से
भी बात की और उन दोनों ने यही कहा कि नरेंद्र
मोदी बहुत ही प्रबल और बेहतर दावेदार हैं
प्रधानमंत्री पद के, तो क्या अब हम ये मानें
कि नरेंद्र मोदी दावेदारी ठोक रहे हैं
कि बीजपी की तरफ से पीएम पद के अगले उम्मीदवार
नरेंद्र मोदी ही होंगे ?
नरेंद्र मोदी– जब मैं वन्दे- मातरम का गान करता हूँ
तो मेरे सामने पूरा हिंदुस्तान होता है, और सिर्फ
अभी से नहीं जब स्कूल में भी पढता था तब से
ही होता है, और हिंदुस्तान के हर नागरिक के दिल और
दिमाग में सिर्फ हिंदुस्तान ही होना चाहिए, नहीं है
तो बुरा है, हम सभी का काम है कि हमारी भारत
माता महान बने, हमारी भारत माता सुखी हो, भले
ही हम कहीं पर भी हों, हम स्कूल के टीचर हो सकते
हैं, हम कोई ऑटो- रिक्शा ड्राईवर हो सकते हैं लेकिन
उसके बाद भी हम देश के लिए काम कर सकते हैं, मेरे
लिए अगर मैं किसी गाँव में काम करता हूँ तो वो मैं देश
के लिए ही काम करता हूँ, किसी राज्य में काम करता हूँ
तो देश के लिए ही काम करता हूँ क्योंकि मेरा एक
ही मंत्र रहता है कि भारत के विकास के लिए गुजरात
का विकास, इसीलिए कुछ लेना, पाना, बनना ये नरेंद्र
मोदी के जेहन में ही नहीं है, जो मुझे जानते हैं वे
कभी ऐसा सवाल ही नहीं करते हैं मेरे बारे में...
और इस जवाब के बाद राहुल कंवल अपना मूह नीचे
करके बेशर्मो की तरह शांत हो गया और बात
को घुमाकर दूसरे सवाल पर आ गया !
ज्यादा से ज्यादा शेयर करें..
जय हिन्द, जय भारत, भारत माता की जय..

(from 
भारतीय योद्धा मंच)

योद्धा मंच



(from भारतीय योद्धा मंच)

शंख (About Conch)


पौराणिक कथाओं के अनुसार शंख समुद्र मथंन के समय प्राप्त चौदह अनमोल रत्नों में से एक है। लक्ष्मी के साथ उत्पन्न होने के कारण इसे लक्ष्मी भ्राता भी कहा जाता है। यही कारण है कि जिस घर में शंख होता है वहां लक्ष्मी का वास होता है। पुराणों में शंख की उत्पत्ति के बारे एक रोचक प्रसंग में कहा गया है कि भगवान और शंखचूंड़ राक्षस में जब युद्ध हो रहा था तब भगवान शंकर ने भगवान विष्णु से प्राप्त त्रिशूल से शंखचूंड़ का वध कर उसके टुकड़े कर अस्थि पंजर समुद्र में डाल दिए और उन्हीं अस्थि पंजरों से शंख की उत्पत्ति हुई। इस प्रसंग का उल्लेख ब्रह्मवैवर्त पुराण के प्रकृति खंड के १८ वें अध्याय में भी है। नौ निधियों में भी शंख का उल्लेख है।

अन्य ग्रंथों में शंख के विषय में कहा गया है-

शंख चंद्रार्कदैवत्यं मध्ये वरुणदैवतम्‌। पृष्ठे प्रजापतिं विधादग्ते गंगा सरस्वतीम्‌॥

त्रैलोक्ये यानि तीर्थानि वासुदेवस्य चाज्ञया। शंखे तिष्ठन्ति विप्रेन्द्र तस्मात्‌ शंख प्रपूजयेत॥

दर्शनेन ही शंखस्य किं पुनः स्पर्शनेन तु विलयं यान्ति पापानि हिमवद् भास्करोदमे।

अर्थात्‌ शंख सूर्य व चंद्र के समान देवस्वरूप है जिसके मध्य में वरुण, पृष्ठ में ब्रह्मा तथा अग्र में गंगा और सरस्वती नदियों का वास है। तीर्थाटन से जो लाभ मिलता है, वही लाभ षंख के दर्शन और पूजन से मिलता है। इसीलिए षंख की पूजा की जाती है। जिस प्रकार धूप की गर्मी से बर्फ पिघल जाती है, उसी प्रकार शंख के दर्शन मात्र से पाप नष्ट हो जाते हैं। अथर्व वेद में शंख को पापहारी, दीर्घायु प्रदाता और शत्रुओं को परास्त करने वाला कहा गया है। रामायण, महाभारत आदि काव्यों में भी शंख का उल्लेख मिलता है।

कई देवी देवतागण शंख को अस्त्र (आयुध) रूप में धारण किए हुए हैं। महाभारत में युद्धारंभ की घोषणा और उत्साहवर्धन हेतु षंख किया गया था, जिसका उल्लेख गीता में इस प्रकार आया है-

पांचजन्यं ऋषीकेशो देवदत्तं धनंजय पौण्ड्रं दध्यमौ महाशंख भीमकर्मो वृकोदर।

महाभारत में सूर्योदय के समय युद्धारंभ और सूर्यास्त के समय युद्धावसान दोनों की घोषणा षंखनाद से ही की जाती थी। आदि ग्रंथों में शंख को विजय, यश व पवित्रता का प्रतीक कहा गया है। सनातन धर्म संस्कृति में इसकी विशेष महत्ता है। इसकी इसी महत्ता के कारण इसकी पूजा होती है और सभी शुभ अवसरों पर इसे बजाया जाता है। यह बात वैज्ञानिक जांच में भी सिद्ध हो चुकी है कि शंख नाद से वातावरण हानिकारक जीवाणुओं व प्रकोपों से मुक्त रहता है। प्राप्ति स्थान : वैसे तो शंख लगभग हर समुद्र में पाया जाता है, परंतु भारतवर्ष में यह मुख्यतः बंगाल की खाड़ी, मद्रास, पुरी तट, रामेश्वरम, कन्या कुमारी और हिंद महासागर में मिलता है।



शंख के प्रमुख भेद : शंख के मुख्यतः तीन प्रकार प्रकार होते हैं - वामावर्ती, दक्षिणावर्ती तथा गणेश शंख।

वामावर्ती शंख का प्रयोग सबसे ज्यादा होता है। इसका उपयोग पूजा अनुष्ठान और अन्य मांगलिक कार्यों के समय बजाने व कहीं-कहीं सजावट के लिए किया जाता है। इसे प्रातः और सायं काल आरती के पश्चात बजाने की प्रथा है। इसे दो प्रकार से सीधे होठों से व धातु के बेलन पर रखकर बजाया जाता है जिन्हें क्रमशः धमन व पुराण कहते हैं। षंखवादन के औषधीय गुण भी हैं। इसे बजाने से ष्वास रोग से बचाव होता है। यही नहीं, इसमें रखे जल तथा इसकी भस्म का सेवन करने से अन्य अनेक बीमारियों से भी रक्षा होती है। इसके इन औषधीय गुणों का आयुर्वेद में विशेष उल्लेख है।

दक्षिणावर्ती शंख को लक्ष्मी का साक्षात स्वरूप माना जाता है। यह अत्यंत मूल्यवान होता है और सर्वत्र सुलभ नहीं होता। यह दाईं ओर से खुला होता है। इस शंख के दो भेद होते हैं - पुरुष और स्त्री। यह बजाने के काम नहीं आता। घर में लक्ष्मी के स्थिर वास तथा अन्य वांछित फलों की प्राप्ति के लिए इसकी स्थापना की जाती है।

गणेश शंख पिरामिडनुमा होता है। इसकी स्थापना और पूजा ऋण तथा दरिद्रता से मुक्ति और विद्या की प्राप्ति हेतु की जाती है। गणेश इन सभी कार्यों के देव हैं इसलिए इसे गणेश स्वरूप माना गया है। शंख का ज्योतिषीय महत्व ज्योतिष में षंख को बुध ग्रह से संबंधित माना गया है। इसे चार वर्णों में बाटा गया है जिसका आधार इसका रंग है। इस दृष्टि से षंख चार रंग के होते हैं - सफेद, गाजर के रंग के समान व भूरे, हल्के पीले और स्लेटी।



वैज्ञानिक महत्व

शंख एक समुद्री उत्पाद है, जिसे मोलस्कश परिवार में रखा गया है। यह एक विषेष किस्म के समुद्री जीव का कवच है। ऊपर इसके विभिन्न वैज्ञानिक व औषधीय गुणों का उल्लेख किया जा चुका है। ऊपर वर्णित तीन प्रमुख षंखों के अतिरिक्त कुछ अन्य षंखों का विवरण इस प्रकार है।

गोमुखी शंख

इस शंख की आकृति गाय के मुख के समान होती है। इसे शिव पावर्ती का स्वरूप माना जाता है। धन-संपत्ति की प्राप्ति तथा अन्य मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए इसकी स्थापना दक्षिणावर्ती षंख के समान उत्तर की ओर मुंह कर के की जाती है। मान्यता है कि इसमें रखा पानी पीने से गौहत्या के पाप से मुक्ति मिलती है। विशाखा, पुष्य, अश्लेषा आदि नक्षत्रों में इसकी साधना विषेष रूप से की जाती है। इसे कामधेनु शंख भी कहा जाता है।

विष्णु शंख

यह सफेद रंग और गरुड़ की आकृति का होता है। इसे वैष्णव सप्रंदाय के लोग विष्णु स्वरूप मानकर घरों में रखते हैं। मान्यता है कि जहां विष्णु होते हैं, वहां लक्ष्मी भी होती हैं। इसीलिए जिस घर में इस षंख की स्थापना होती है, उसमें लक्ष्मी और नारायण का वास होता है। मान्यता यह भी है कि इस शंख में रोहिणी, चित्रा व स्वाति नक्षत्रों में गंगाजल भरकर और मंत्र का जप कर किसी गर्भवती को उस जल का पान कराने से सुंदर, ज्ञानवान व स्वस्थ संतान की प्राप्ति होती है।

पांचजन्य शंख

यह भगवान कृष्ण भगवान का आयुध है। इसे विजय व यश का प्रतीक माना जाता है। इसमें पांच उंगलियों की आकृति होती है। घर को वास्तु दोषों से मुक्त रखने के लिए स्थापित किया जाता है। यह राहु और केतु के दुष्प्रभावों को भी कम करता है।

अन्नपूर्णा शंख

यह अन्य शंखों से भारी होता है। इसका प्रयोग भाग्यवृद्धि और सुख-समृद्धि की प्राप्ति हेतु किया जाता है। इस शंख में गंगाजल भरकर प्रातःकाल सेवन करने से मन में संतुष्टि का भाव जाग्रत होता है तथा व्याकुलता समाप्तहोती है।

मोती शंख

यह आकार में छोटा व मोती की आभा लिए होता है। इसे भी लक्ष्मी की कृपा के लिए दक्षिणावर्ती शंख के समान पूजाघर में स्थापित किया जाता है। इसकी स्थापना से समृद्धि की प्राप्ति व व्यापार में उन्नति होती है। इसमें नियमित रूप से लक्ष्मी मंत्र का जप करते हुए ११ दाने चावल लक्ष्मी शीघ्र ही प्रसन्न होती है।

हीरा शंख

यह स्फटिक के समान धवल, पारदर्शी व चमकीला होता है। यह ऐष्वर्यदायक किंतु अत्यंत दुर्लभ है। इससे हीरे के समान सात रंग निकलते हैं। इसका प्रयोग प्रेम वर्धन व शुक्र दोष से रक्षा हेतु किया जाता है। इसकी स्थापना से षुक्र ग्रह की कृपा भी प्राप्त होती है।

टाइगर शंख

इस शंख पर बाघ के समान धारियां होती हैं जो बहुत ही सुंदर दिखती हैं। ये धारियां लाल, गुलाबी, काली व कत्थई रंगों की होती हैं। इसकी स्थापना से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है तथा शनि, राहु और केतु ग्रह की व्याधियों से मुक्ति मिलती है। साथ ही साधक के मन में तंत्र शक्ति का संचार भी होता है। तात्पर्य यह कि शंख में अनेक गुण हैं। ये गुण आध्यात्मिक भी हैं, वैज्ञानिक भी और औषधीय भी। इनके इन गुणों को देखते हुए इनकी स्थापना अवश्य करनी चाहिए


(from प्रत्यंचा-सनातन संस्कृति के साथ विकास की ओर fb pag)

रानी लक्ष्मीबाई और भगवान शिव




 रानी लक्ष्मीबाई और भगवान शिव का देवताओं का अपमान।

कुम्भ मेले में सोनिया गाँधी को रानी लक्ष्मीबाई और आउल गाँधी को भगवान शिव के रूप में दिखाते हुए पोस्टर लगे हैं । NDTV ने इसे सोनिया-राहुल की उपलब्धि के रूप में दर्शाया

(from
(Prashant Patel fb user )

मोदी और स्वामी रामदेव

भारत माता की जय हो...!!

आज भारत को मोदी और स्वामी रामदेव की जरुरत है....

(from Bharat  uday fb page)

Tuesday, 5 February 2013

इस्लाम

इस्लाम में संगीत बजाना या सुनना हराम है, पर किसी नारी को गंदी- गंदी गालियाँ देकर और बलात्कार कर देने की धमकी देना शायद हराम नहीं है, बल्कि शायद इसको हलाक समझा जाता है, मगर मैंने सुना था कि इस्लाम में गाली देना हराम कहा गया है, मगर अब ये बात झूठी साबित हो चुकी है, कि इस्लाम में गाली देना और स्त्री को इज्जत ना करना हलाक है !

अगर संगीत इस्लाम में हराम है तो किसी महिला को गंदी- गंदी गालियाँ देकर बलात्कार की धमकी देकर किसी को संगीत से हटवा देना क्या इस्लाम में जायज है ??
(from bharat uday)

श्री पद

दुनियाभर में आज भी कई ऐसे स्थान हैं, जिनका रहस्य अब तक अनसुलझा है. विज्ञान की लाख तरक्की के बावजूद कई गुत्थियां ऐसी हैं, जिनका सही-सही जवाब दे पाना आज भी संभव नहीं हो पाया है. हालांकि, धर्मग्रंथों और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ये रहस्य न होते हुए ईश्वरीय शक्ति के निशान हैं. ऐसी ही एक रहस्यमयी जगह श्रीलंका के सुदूर इलाके में मौजूद इस जगह को 'एडम्स पीक' और 'श्री पद' भी कहते हैं. श्रीलंका के दक्षिणी तट गाले में एक बहुत रोमांचित करने वाली जगह 'एडम्स पीक' है। इसे रहुमाशाला कांडा कहते हैं। इस पहाड़ का अपना पौराणिक इतिहास रहा है। कहते हैं राम-रावण युद्ध के दौरान मेघनाद की शक्ति लक्ष्मण निशाना बने और उनकी जान पर बन आई। उनके प्राण सिर्फ संजीवनी बूटी से बचाए जा सकते थे। इसे लाने का काम राम भक्त हनुमान को दिया गया। हनुमान हिमालय की कंदराओं में संजीवनी बूटी खोजते रहे, लेकिन उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था। तब उन्होंने पहाड़ के एक टुकड़े को ही ले जाने का फैसला किया। मान्यताओं के अनुसार यह वहीं पहाड़ है। वहीं, इस पर बना मंदिर भी एक खास चीज के लिए प्रसिद्ध है। एडम्स पीक पर बने मंदिर में एक देवता के पैरों के निशान हैं। हिंदू धर्म की मानें तो यह देवों के देव शंकर के पैरों के निशान है। शिव को विनाशक भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि शंकर मानव जाति को अपना दिव्य प्रकाश देने के लिए यहां प्रकट हुए थे। इसलिए इसे सिवानोलीपदम (शिव का प्रकाश) भी कहा जाता है। 2,224 मीटर की ऊंचाई पर लाखों भक्त और सैलानी आकर सिर झुकाते हैं। यहां से एशिया का सबसे अच्छा सूर्यउदय देखा जा सकता है।
(from
आप हिन्दू हो?)

हिन्दी

हिन्दी को सम्मान दीजिए!!! हिन्दी का इतना प्रचार कीजिए की प्रत्येक भारतीय को हिन्दी बोलने में गर्व का अनुभव हो...!!

Sunday, 3 February 2013

हिंदुत्व

मित्रो, महाकुम्भ को हावर्ड विश्वविद्यालय ने केस स्टडी के शामिल किया है .. हावर्ड जानना चाहता है की आखिर हिंदुत्व में ऐसी क्या खास बात है की पूरी दुनिया के लोग हिंदुत्व के तरफ आशा भरी नजरो से देख रहे है .. एकमात्र ऐसा धर्म जिसके कोई प्रणेता नही, कोई एक किताब नही, फिर भी ये धर्म विश्व का सबसे पुराना धर्म है और बिना किसी जोर जबरजस्ती के लाखो लोग हिन्दू धर्म स्वीकार कर रहे है | सिर्फ हिन्दूधर्म ही एकमात्र ऐसा धर्म है जो कभी अपने में किसी को जबरजस्ती तलवार के दम पर या लालच देकर किसी को शामिल नही करता | सिर्फ हिंदुत्व ही विश्व को प्रेम, शांति और अहिंसा का संदेश दे रहा है |

मित्रो, महाकुम्भ में हर रोज करीब दस लाख विदेशी आ रहे है और हिंदुत्व के तरफ आकर्षित हो रहे है .. चाहे एंजेलिना जोली हो, ब्रेड पिट, केट विंसलेट आदि हालीवुड के सितारों के आलावा.. इजराइल के चार बड़े उद्योगपति, फोर्ड मोटर्स के मालिक, सूरीनाम, मारीशस, गुयाना, त्रिनिदाद एंड टोबेगो, फिजी आदि देशो के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री , रतन टाटा, और हिंदुजा जैसे उद्योगपति, और हजारो अन्य बेहद मशहूर लोग जिसमे से कई हिन्दू नही होते हुए भी हिंदुत्व के आर्कषण से खीचे चले आ रहे है |

अभी दो दिन पहले लेबनान से आये चालीस मुस्लिम लोग जिसमे कई प्रोफेसर, और लेबनान के बड़े सितारे थे उन्होंने भी कुम्भ में डुबकी लगाई ..

(from  आप हिन्दू हो)

संता और बंता

आप सभी संता और बंता नाम से जोक पढ़ते होंगे..
इन नाम से जोक काफी मशहूर भी है और आप
सभी को अच्छे भी लगते हैं..
पर क्या आप इन नाम के पीछे असली वजह को जानते हैं..
कृपा इसको आज जान लीजिये और फिर कभी किसी को इन
नाम से जोक न सुनाइए..
दो सिख जिनके नाम सतबंत सिंह और बेयंत सिंह और
दोनों ही बहुत बड़े देशभक्त हुआ करते थे..दोनों काफी वीर
थे
एक समय था जब इन दोनों को इंदिरा गाँधी का बॉडीगार्ड
बनाया गया था...
उसी समय कांग्रेस ने सिख दंगे करवाए थे...सिख भाई
दंगो की आग में जल रहे थे और कहीं न कही इन
दोनों वीरो के दिल में भी कांग्रेस के लिए नफरत
पैदा हो गयी थी पर ये नफरत एक दिन आग में बदल गयी..
दंगो के बाद इंदिरा से कहा भी गया था कि आपके बॉडीगार्ड
सिख है उनको हटा दीजिये पर इंडिया गाँधी ने मना कर
दिया...
सतबंत सिंह और बेयंत सिंह दोनों ने मिलकर
इंदिरा गाँधी को मार दिया, ड्यूटी के दोरान अपनी बंदूक
की गोलियां इंदिरा के सीने में उतार दी...
इंदिरा तो मर गयी पर कांग्रेस ने सतबंत सिंह और बेयंत सिंह
को बदनाम करने के लिए संता-बंता नाम से जोक बना डाले..
आज आप सभी इनके नाम से जोक पढ़कर सिख
भाइयो का मजाक उड़ाते हो.
आज से प्रण लीजिये कि आप कभी भी अपने मित्रो को इन
नाम से जोक Sms नही करेंगे.....और जो भी इन नाम से
जोक करता है उनको इनके बारे में बताएँगे:-
करना है तो राहुल गाँधी(आउल बाबा) और दिग्गी राजा के
नाम से जोक बनाइए)

From

SaffronSaffron)

MODI Ji KI Jubaannn

गीत को गजल बना देंगे ,
पूरी दुनिया में तिरंगा लहरा देंगे ,
कमबख्त हम हिन्दू में "एकता " ही नहीं है..
.
वरना

. अयोध्या में तो क्या.... पिग्गिस्तान तक में
"राम मंदिर "बना देंगे ...!
जय श्री राम...!!!
जय महाकाल...

( from
Saffron

Saffron)

(

Saturday, 2 February 2013

Na wo farishta ho na farishtay jaisa ho

Na wo farishta ho na farishtay jaisa ho,
mujhay talash hai us ki jo mere jaisa ho,
mere khaloos ko pehnchanta ho bas kafi hai,
woh koi bhi ho kahin bhi ho kaisa bhi ho,
agar kabhi ruth jaun mein uss se to,
muskura ke Manaye wo aisa ho...!!!

(bring from 
NiShA-Ek KhWaAb)

Phool khilte hai bahaaron ka samaa hota hai,

Phool khilte hai bahaaron ka samaa hota hai,
Aise mausam mein hi toh pyaar javaan hota hai,
Dil ki baaton ko hothon se nahi kehte,
Yeh fasaana toh nigaahon se bayaan hota hai.

(bring from 
NiShA-Ek KhWaAb)

Ishq karne wale

Ishq karne wale aankho se aankho ki baat padh lete hain,
sapne mein mil jaye to mulakat samajh lete hain,
rota to aasman bhi hai apni jameen ke liye,
par na jane kyun log use barsat samajh lete hain...!!!

(
(NiShA-Ek KhWaAb)

.पापा कहते है

१.पापा कहते है "बेटा पढाई करके कुछ बनो" तो बुरा लगता है, पर यही बात जब गर्लफ्रेंड कहती है तो लगता है केयर करती है |
२. गर्लफ्रेंड के लिए माँ-बाप से झूठ बोलते है, पर माँ-बाप के लिए गर्लफ्रेंड से क्यूँ नहीं ?
३. गर्लफ्रेंड से शादी के लिए माँ-पापा को छोड़ देते है, पर माँ-पापा के लिए गर्लफ्रेंड को क्यूँ नहीं ?
4. गर्लफ्रेंड से रोज रात में मोबाईल से पूछते है खाना खाया की नहीं या कितनी रोटी खाई, पर क्या आज तक ये बात माँ-पापा से पूछी ?
5.गर्लफ्रेंड की एक कसम से सिगरेट छूट जाती है, पर पापा के बार-बार कहने से क्यूँ नहीं ?
कृपया अपने माँ-बाप की हर बात माने और उनकी केयर करे...और करते हो तो आपके माँ-बाप आपके लिए कुछ भी गर्व से करने को तैय्यार है |
और ये सबको बताये और समझाए, क्या पता आपकी बात उसके समझ में आ जाये...?
अपने को माहोल ही ऐसा बनाना है की हर बच्चा अपने माता-पिता को ही भगवान समझे |
अगर आप को ये postपसंद आये तो